Live updates: EC to announce schedule for assembly elections in Assam, Kerala, Tamil Nadu, West Bengal, Puducherry   | Live: 5 राज्यों में चुनाव का ऐलानः  पश्चिम बंगाल में 8 ,असम में तीन, केरल में 1 चरण में होगा मतदान, 2 मई को आएंगे सभी राज्यों के नतीजे

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डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना महामारी का दौर जारी है। ऐसे में इसे ध्यान में रखते हुए सभी गाइडलाइनों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बिहार चुनाव बहुत ही सफलता पूर्वक हुए और एक बार फिर वोटरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

असम में तीन चरणों में होंगे चुनाव। पहले चरण का चुनाव 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान 2 अप्रैल को होगा और तीसरे चरण का चुनाव 6 अप्रैल को। केरल में एक चरण में 6 अप्रैल को मतदान होगा और 3 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। पुडुचेरी में भी एक चरण में मतदान होगा। 

पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान। 

4 राज्यों और एक केंद्र शासित राज्य में चुनाव होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में कुल 824 विधानसभा सीटें हैं,जहां चुनावी सरगर्मियां तेज चल रहीं है। इन चुनावों में 18 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे। पहले से ही संभावना

जताई जा रही थी कि चुनाव आयोग मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। हालांकि, चुनाव आयोग ने तेजी दिखाते हुए आज ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के पिछले चुनावों में 294 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस को 211, कांग्रेस को 44, लेफ्ट को 33 और भाजपा को 3 सीटें मिली थीं। केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या 40,771 होगी। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे अब 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी। 

केरल में पारंपरिक प्रतिद्वंदियों में उत्साह…

केरल में पारंपरिक प्रतिद्वंदियों में उत्साह है, जिन्होंने कहा कि वे विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कमर कस चुके हैं। केरल में 140 विधानसभा सीटें हैं। सत्ताधारी सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा दिसंबर में स्थानीय निकाय चुनावों में विजयी रिकॉर्ड रखने के बाद राज्य में सत्ता बरकरार रखने का प्रयास करेगा, जोकि एक इतिहास होगा। लेकिन विपक्ष के नेता और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के संभावित मुख्यमंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब वोटों की गिनती होगी, यूडीएफ आसानी से जीत दर्ज करेगी।

पूर्व रक्षा मंत्री और तीन बार केरल के मुख्यमंत्री ए.के.एंटनी ने विश्वास जताया कि मई में यूडीएफ की सरकार को शपथ दिलाई जाएगी। राज्य कांग्रेस के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि केरल में माकपा और भाजपा के बीच 10 सीटों पर एक गुप्त समझौता हुआ है। रामचंद्रन ने कहा, हम बहुत जल्द अपने उम्मीदवारों की सूची लेकर आएंगे और हमें भरोसा है कि हम जीतेंगे।

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास वर्तमान में सिर्फ एक सीट है और उसके वरिष्ठ नेता एम.टी. रमेश ने टिप्पणी की कि वे चुनाव में भारी बढ़त बनाएंगे। 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने शानदार जीत दर्ज की। पार्टी ने 20 सीटों में से 19 पर जीत दर्ज की और 47.48 प्रतिशत वोट प्रतिशत हासिल किया। वहीं वाम मार्चा केवल एक सीट जीत पाने में सफल रहा और 36.29 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया। वहीं भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली और उसने 15.64 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किए।

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