In the field of defense products, India will not only become self-reliant, it will also become an exporter: Yogi | रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर ही नहीं, निर्यातक भी बनेगा : योगी

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मुंबई/लखनऊ, 2 दिसंबर(आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के कारोबारियों से कहा कि आपके हर सुझाव का हम स्वागत करते हैं। डिफेंस कॉरिडोर के लिए हम देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी-कानपुर और अन्य ऐसी संस्थाओं से सलाह भी ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सभी के प्रयास से रक्षा उत्पादों के क्षेत्र में शीघ्र ही भारत आत्मनिर्भर ही नहीं, निर्यातक भी बनेगा। यह प्रधानमंत्री के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने जैसा होगा।

मुख्यमंत्री योगी यह बात बुधवार को मुंबई के एक निजी होटल में डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े कारोबारियों से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा, डिफेंस एक्सपो से हमें काफी उम्मीदें हैं। आप लोगों ने जो हौसला और उत्साह दिखाया है, उससे हम लोगों का भी हौसला बढ़ा है। डिफेंस कॉरिडोर में छह नोड झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और लखनऊ हैं। हर नोड में पर्याप्त जमीनें हैं। सभी नोड को हम आने वाले समय में एक्सप्रेसवे से जोड़ देंगे।

इस दौरान डिफेंस उत्पादों के कारोबारियों ने अपने कई अहम सुझाव भी दिए। साथ ही इस बारे में सरकार की ओर से किए जा कार्यो की सराहना भी की।

कारोबारियों का स्वागत यूपीडा के चेयरमैन अवनीश कुमार अवस्थी ने किया। उन्होंने कारोबारियों से परिचय भी कराया। साथ ही इन्वेस्ट यूपी के एडिशनल सीईओ मुत्थू कुमारस्वामी ने कारोबारियों का आभार जताया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, आशुतोष टंडन और आईआईडीसी आलोक टंडन आदि भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा, 2018 में जब यूपी का पहला इन्वेस्टर समिट हुआ था, तब जो निवेश प्रदेश में हुआ था, उसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्यूफैक्च रिंग कॉरिडोर की घोषणा की थी। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं, क्योंकि हमारे पास टेक्नॉलोजी और नॉलेज के लिए बेहतर पार्टनर के रूप में आईआईटी-कानपुर और आईआईटी-बीएचयू है।

योगी ने कहा, देश में एमसएसएमई की सबसे बड़ी यूनिट्स यूपी में ही हैं। कोरोना काल के दौरान हम लोगों ने प्रदेश में साढ़े 10 लाख से अधिक एमएसएमई यूनिटों को बैंकों के साथ जोड़ने की सफलता प्राप्त की है। रोजगार की व्यापक संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। एक्सप्रेसवे का इंफ्रास्ट्रक्च र प्रदेश में क्रिएट हुआ है और हो रहा है, वह प्रदेश की इंफ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट के लिए बड़ी उपलब्धि है।

वीकेटी/एसजीके

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