Corona report exposes fraud, positive patients told negative in rapid test to tell case less | गुजरात में केस कम बताने के लिए अफसरों ने पॉजिटिव मरीजों को भी निगेटिव बताया

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राजकोट24 मिनट पहले

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राजकोट मनपा, राजकोट ग्राम्य और जामनगर में कोरोना के मामले कम बताने कि लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए।- प्रतीकात्मक फोटो।

गुजरात के राजकोट और जामनगर में कोरोना के मामले कम बताने के लिए पॉजिटिव मरीजों को भी निगेटिव बताने का खेल चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने कर्मचारियों को पॉजीटिव मरीजों की लिस्ट देकर धमकी दे रहे हैं कि एंट्री निगेटिव मरीजों में करो। पूरा खेल इतने शातिर तरीके से चल रहा था कि किसी को पता नहीं चले, लेकिन दैनिक भास्कर ने सबूतों के साथ इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।

भास्कर ने राजकोट-जामनगर में रेपिड किट से किए एक 3.5 लाख टेस्ट के रिकॉर्ड को क्रॉस चेक किया और उसमें से कई मरीजों से फोन पर बात की तो फर्जीवाड़े का पता चला। राजकोट मनपा, राजकोट ग्राम्य और जामनगर इन तीनों जगहों पर कोरोना के मामले कम बताने कि लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए। राजकोट म्युनिसिपल कमिश्नर उदित अग्रवाल, राजको DDO अनिल राणावसिया, राजकोट CDHO डॉ. मितेश भंडेरी, जामनगर DDO डॉ. विपिन गर्ग और जामनगर CDHO डॉ. बिरेन मणवर फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए।

राजकोट में 16 जुलाई से अब तक 1.5 लाख रेपिड टेस्ट हुए हैं।

राजकोट में 16 जुलाई से अब तक 1.5 लाख रेपिड टेस्ट हुए हैं।

भास्कर ने राजकोट में 1.5 लाख टेस्ट के रिकॉर्ड्स की जांच की
हमारी टीम ने 16 जुलाई यानी कि रेपिड टेस्ट शुरू होने के बाद से अब तक किए गए 1.5 लाख टेस्ट के रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की। 24 अक्टूबर को एक ही दिन में 1100 से ज्यादा एंट्री हुईं, लेकिन सैंपल की तारीख देखी तो एक महीने पहले की थी। पूरे रिकॉर्ड्स देखने पर पता चला कि सभी एंटीजन निगेटिव के तौर पर दर्ज थे। लेकिन, भास्कर ने इनमें से कई लोगों को फोन किया तो पता चला कि काफी लोग पॉजीटिव थे।

DDO के आदेश से डॉ. मणवर ने 900 पॉजीटिव मरीजों को निगेटिव बताया
जामनगर में 19 अक्टूबर को दोपहर 1.39 पर जिला आरोग्य कचहरी की ई-मेल आईडी dso.health.jamnagar@gmail.com से जामनगर के सभी THO को ई-मेल किया था। इसमें लिखा था कि ‘इसके साथ अटैच लिस्ट के हिसाब से पोर्टल में एंटीजन निगेटिव की एंट्री करनी है और भूल से एक भी पॉजिटिव की एंट्री न हो। मेल के नीचे डॉ. बीपी मणवर का नाम है, जिसमें अटैच लिस्ट में 900 मरीजों के नाम हैं।

राजकोट जिले में 5325 पॉजीटिव, स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ 3720 बताए
मनपा की तुलना में जिला आरोग्य विभाग की मोडस ओपेरेंडी अलग है। जिले में जितने भी कोरोना के रेपिड एंटीजन टेस्ट हुए हैं, उन सभी की एंट्री होती है। पॉजीटिव या निगेटिव अलग नहीं रखे जाते। लेकिन, जब लिस्ट जारी करने की बात आती है तब बड़े अधिकारी रोजाना के मरीजों की संख्या तय कर देते हैं। दैनिक भास्कर ने ग्रामीण इलाकों के 1 लाख एंटीजन टेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला तो 22 अक्टूबर की स्थिति में 5,263 केस पॉजीटिव आए, लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग ने कुल केस 3,720 ही बताए।

DDO विपिन गर्ग और CDHO डॉ. मणवर जिम्मेदार
DDO डॉ. विपिन गर्ग के आदेश से इंचार्ज CDHO डॉ. बीपी मणवर ने सरकारी वेबसाइट पर गलत एंट्री की और इसके लिए सरकारी ई-मेल एड्रेस का इस्तेमाल किया।

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