भारत में आने वाले समय में हर क्षेत्र में आ सकते हैं ड्रोन

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नई दिल्ली. दसॉल्ट सिस्टम्स (Dassault Systemes) ने हाल ही में ‘Drone-a-thon’ नाम से एक वर्चुअल हैकाथन का आयोजन किया था. इस आयोजन का उद्देश्य था कंपनी के 3D एक्सपीरियंस का उपयोग करते हुए उन स्टूडेंट्स और स्टार्टअप्स की मदद करना जो नेक्सट जेनरेशन ड्रोन बनाना चाहते हैं.

ड्रोन या Unmanned Aerial Vehicles (UAVs) आने वाले समय में एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, माइनिंग जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2021 तक भारत में ड्रोन का मार्केट 885.7 मिलियन डॉलर का हो जाएगा.

3D एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके बनाए गए ड्रोन
दसॉल्ट सिस्टम्स द्वारा आयोजित ‘Drone-a-thon’ में 21 बेस्ट आइडिया को चुना गया और कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए 3D एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ड्रोन बनाए गए. कंपनी ने इसके बाद पांच टीमें बनाई जिनमें से पंजाब इंजिनियरिंग कॉलेज की टीम टर्नईगल विजेता बनी. इस टीम द्वारा बनाया गया ड्रोन घरेलू सामान, डाक, खाना, हेल्थ केयर और दवाईयों आदि की डिलीवरी कर सकता है.हर साल 40 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है ड्रोन इंडस्ट्री

दसॉल्ट सिस्टम्स के भारत के मार्केटिंग डायरेक्टर श्री हर्षा का कहना है कि हर साल ड्रोन इंडस्ट्री 40 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. आने वाले समय में ई-कॉमर्स, हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में इसकी जरूरत बढ़ने वाली है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान देश में सैनिटाइजेशन और फॉगिंग के लिए बड़े हिस्सों में ड्रोन का उपयोग किया गया.

ड्रोन को किसी भी डिवाइस के साथ फिट किया जा सकता है और अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल में लाया जा सकता है. भविष्य में आने वाले ड्रोन किसी साइंस फिक्शन सिनेमा जैसे होंगे जो हमारी कल्पना से भी परे होंगे.

एग्रीकल्चर के क्षेत्र में ड्रोन क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं. फसल की जानकारी, सिंचाई, मिट्टी की जांच, फसल के नुकसान का जायजा लेने में ड्रोन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी.

डिजास्टर मैनेजमेंट में भी ड्रोन की उपयोगिता
हेल्थ सेक्टर में भी ड्रोन उतने ही काम आ सकते हैं जितने एग्रीकल्चर में. दवाईयों की डिलिवरी से लेकर कम उपलब्धता वाले सामानों की डिलिवरी के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है. डिजास्टर मैनेजमेंट में भी ड्रोन काम आ सकते हैं. हालिया समय में कुछ शहरों ने इनका प्रयोग आपदा के दौरान फंसे लोगों का पता लगाने के लिए किया और उसमें कामयाबी भी हासिल की. ड्रोन, इंफ्रारेड कैमरे और तकनीकी मदद से हीट मैप बनाकर दुर्घटना संभावित क्षेत्र का पता लगाने में भी अब इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.

कुल मिलाकर देखें तो ड्रोन भविष्य में बहुत कामगार साबित होने वाले हैं और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कंपनियों द्वारा इनका प्रयोग भी बहुतायत में किए जाने की उम्मीद है तो कल को अगर आपकी बालकनी के बाहर उड़ता हुआ कोई ड्रोन आकर आपके पार्सल की डिलिवरी कर जाए तो चौंकिएगा मत.



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