प्रदोष व्रत से प्रसन्न होंगे शिव, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

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इस व्रत में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है.

इस व्रत में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है.

Pradosh Vrat 2020 November: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी प्रकार की बाधाएं और दोष कट जाते हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 27, 2020, 6:06 AM IST

Pradosh Vrat 2020 November: आज 27 नवंबर को प्रदोष व्रत है. शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को काफी शुभ फलदायक और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी प्रकार की बाधाएं और दोष कट जाते हैं. आइए जानते हैं इस प्रदोष व्रत क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त…

प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त:
इस प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त सुर्यास्त से तीन घड़ी पहले यानी कि शाम 4:30 से लेकर शाम 7:00 बजे तक है. इसके बीच में आप कभी भी पूजा कर सकते हैं.

प्रदोष व्रत की पूजा-विधि:प्रदोष व्रत करने वाले व्यक्ति को इस दिन सूर्योदय से पहले बिस्तर त्याग देना चाहिए. फिर पूजाघर में झाड़ू-पोछा कर पूजाघर समेत पूरे घर में गंगाजल से पवित्र करना चाहिए. इसके बाद पूजाघर को गाय के गोबर से लीपना चाहिए. इसके बाद पूरे मन से भगवान शिव का भजन कीर्तन और पूजा-पाठ करना चाहिए.

प्रदोष व्रत का महत्व:

पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसकी दुख दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है. प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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