नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में 6000 करोड़ रुपये के निवेश को सरकार से मिली मंजूरी!

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प्रकाश जावड़ेकर

प्रकाश जावड़ेकर

इस बैठक में आत्मनिर्भर भारत के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में 6000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट के लिए दे दी है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 26, 2020, 12:12 AM IST

नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में दी. प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का जोर आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने का है. इसके लिए पूंजी जुटाने के लिए अब डेट मार्केट का फायदा उठाया जाएगा.

बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में निवेश, संकटग्रस्त लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक इंडिया लिमिटेड (DBIL) में विलय के प्रस्ताव समेत कई अन्‍य फैसले को मंजूरी मिली है. इस बैठक में आत्मनिर्भर भारत के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) में 6000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट के लिए दे दी है. बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 111 लाख करोड़ इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट की योजना बनाई है.

नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को ऐसे मिलेगा पैसा
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट के लिए 6000 करोड़ रुपये के निवेश करने से नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे. जिसमें से 6000 करोड़ रुपये सरकार 7000 करोड़ रुपये NIIF खुद इक्विडिटी के रूप में लोगों से लाएगी. इस रकम का निवेश अगले दो साल में होगा.

NIIF के अंतर्गत 3 तरह के फंड
1. फंड ऑफ फंड
2. मास्टर फंड

3. स्ट्रेटेजिक अपॉर्चुनिटी फंड

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दो कंपनियां मिलकर करेंगी काम
स्ट्रेटेजिक अपॉर्चुनिटी फंड के तहत ये पैसा इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर के काम खर्च किया जाएगा. इस काम को दो कंपनियां मिलकर करेंगी. जिसमें एसेम इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और एनआईआईएफ शामिल है. जावडेकर ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पता चलता है कि भारत के विकास पर दुनिया विश्वास करती है दूसरा भारत के विकास में दुनिया निवेश करना चाहती है. भारत के विकास को आगे बढ़ाने का ये महत्वपूर्ण फैसला है.



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