टैक्स छूट के लिए प्राइवेट कर्मचारियों को करना होगा 14 गुना तक खर्च, यहां समझिए पूरा गणित

0
24


नई दिल्ली. पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC – Leave Travel Concession) कैश वाउचर स्कीम का दायरा राज्य सरकार और निजी ​क्षेत्र के कर्मचारियों तक बढ़ा दिया है. इस स्कीम को पिछले महीने की शुरुआत में केवल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ऐलान किया गया था. इसके तहत, कर्मचारी ट्रैवल बिल्स जमा करने की जगह वस्तुओं या सेवाओं पर खर्च किए गए बिल्स पर टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं. यह स्कीम भले ही कर्मचारियों को टैक्स छूट का लाभ उठाने में मदद करे, लेकिन कर्मचारियों को टैक्स बचत की तुलना में करीब 7 से 14 गुना ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है.

साथ ही, सभी तरह के खर्च पर यह लाभ नहीं मिलेगा. केवल उन्हीं वस्तुओं या सेवाओं की खरीद पर टैक्स छूट का लाभ मिलेगा, जिनपर देय जीएसटी 12 फीसदी से ज्यादा है. टीवी, फ्रिज जैसे वस्तुओं पर 12 फीसदी से ज्यादा टैक्स देना होता है. एक शर्त यह भी है कि यह खर्च डिजिटल माध्यम से ही होना चाहिए और कर्मचारियों के पास रसीद होनी चाहिए. इस रसीद पर दुकानदार का जीएसटी नंबर और देय जीएसटी रकम भी होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले Paytm ने अपने यूजर्स को दिया तोहफा! खत्म किए चार्जेस, फ्री में उठाएं सर्विस का फायदा

क्या है गणित?सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार, कर्मचारी 4 व्यक्तियों के लिए प्रति व्यक्ति 36,000 रुपये तक के एलटीसी अलाउंस पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं. चार व्यक्तियों के लिए कुल रकम 1,44,000 रुपये होगी. कर्मचारियों को एलटीसी डिडक्शन रकम से तीन गुना अधिक खर्च करना होगा. अब मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने 1,44,000 रुपये एलटीसी के तौर पर क्लेम किया और यह शख्स 42.74 फीसदी (30% स्लैब रेट, 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई पर सेस और सरचार्ज की देयता शामिल है) के सबसे उच्चतम टैक्स ब्रैकेट में आता है. इस व्यक्ति का कुल 61,551 रुपये टैक्स के रूप में बचेगा. लेकिन, इस 61,551 रुपये के टैक्स बचत के लिए उन्हें 144,000×3 यानी 4,32,000 रुपये खर्च करने होंगे. टैक्स बचत की रकम की तुलना में यह करीब 7 गुना है. इसी प्रकार 5 से 50 लाख रुपये की कमाई करने वाले व्यक्ति टैक्स बचत का 10 से 14 गुना तक ज्यादा रकम खर्च करना होगा.

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी कम रकम खर्च करता है तो उन्हें उसी अनुपात में टैक्स छूट का लाभ मिलेगा. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कुल लिमिट का 50 फीसदी ही खर्च करता है तो उन्हें 50 फीसदी रकम पर ही टैक्स छूट का लाभ मिलेगा.

यह भी पढ़ें: दिवाली के मौके पर आम आदमी के लिए खुशखबरी, अब 50 रुपए सस्ते में बुक करें रसोई गैस

तो क्या आपको इस विकल्प को चुनना चाहिए?
जानकार बताते हैं कि जो लोग 31 मार्च 2021 तक वस्तु या सेवाओं पर खर्च करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है. वो अपने द्वारा खर्च रकम पर एलटीसी टैक्स छूट को क्लेम कर सकते हैं. बाजार में ऐसे उत्पादों की एक बड़ी रेंज है, जिनपर 12 फीसदी से ज्यादा जीएसटी देना होता है. ऐसे में कर्मचारी इसका लाभ उठा सकते हैं.

लेकिन, जानकारों ने केवल टैक्स बचाने के लिए खर्च करने से सावधानी बरतने को कहा है. उनका कहना है कि निजी क्षेत्र या राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की तुलना में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह विकल्प ज्यादा मुफीद है.



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here