कोरोनोवायरस महामारी में इस तरह बदल गया हमारे जीने का तरीका

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साल 2020 के अब अलविदा कहने का समय आ रहा है. वैसे तो अन्‍य की तरह यह साल भी गुजरा, मगर कोरोना महामारी (Corona Epidemic) की वजह से हमारे जीवन (Life) पर जो प्रभाव पड़ा, उनको देखते हुए यह साल अन्‍य से अलग रहा. पिछले कुछ समय में कोरोनावायरस (Coronavirus) ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया. इससे जहां कुछ सकारात्‍मक प्रभाव पड़ा है, जैसे लोग लॉकडाउन में घरों में रहने को मजबूर हुए तो इससे परिवार के साथ समय गुजारने का मौका मिला और बाहर की आवाजाही रुकी तो पर्यावरण में भी सुधार आने लगा. वहीं इस महामारी की वजह से कुछ अन्‍य बदलाव भी हुए, जिन्‍होंने हमारे लाइफस्‍टाइल (Lifestyle) को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. यानी जीवन जीने का एक नया तरीका हमने सीखा है. इस दौरान जीवन में क्‍या-क्‍या बदलाव आए और हमारी जिंदगी किस तरह प्रभावित हुई गुजरते साल में इस पर एक नजर-

बदल गया विश करने का तरीका
अक्‍सर कोई खास मौका हो या त्‍योहार आदि हो, इसकी बधाई हम अपनों को देना नहीं भूलते. हालांकि कोरोना काल में इसका तरीका भी बदलने पर हम मजबूर हुए. पहले जहां हम गले मिल कर, हाथ मिला कर शुभकामनाएं देते थे, वहीं अब दूर रहकर संदेशों के जरिये शुभकामनाएं दी गईं. यानी कोरोनावायरस के दौर में लोग मौखिक रूप से और दूर रह कर बधाई देने पर मजबूर हुए.

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यह इस दौर का खास बदलाव कहा जा सकता है. जहां यहां तक कि छात्रों के लिए ऑनलाइन क्‍लासेज शुरू की गईं, वहीं साहित्‍यकारों, कलाकारों ने भी अपनी बैठकें, व्याख्यान अन्‍य कार्यक्रम वीडियो कॉल, ऑनलाइन मीटिंग्‍स के जरिये किए. वहीं इस महामारी में ज्‍यादातर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से वर्कफ्रॉम होम कराना बेहतर समझा. ऐसे में वर्क कल्‍चर में भी बदलाव आया.

स्‍वच्‍छता बनने लगी आदत
COVID-19 की इस पूरी स्थिति से जो सबसे अच्छी बात निकली है, वह है व्यक्तिगत स्वच्छता में सुधार. वे सभी जिन्हें कभी हाथ धोना पसंद नहीं था या जो मानते थे कि उनके हाथ हमेशा साफ रहते हैं, अब उन्हें दिन में कई बार धोने की आदत हो चुकी है.

कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए मास्‍क का चलन बढ़ा. Image Credit:Pexels/cottonbro

कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए मास्‍क का चलन बढ़ा. Image Credit:Pexels/cottonbro

बदला गपशप का तरीका
कोरोना काल में दोस्‍तों से मिलने, उनके साथ घंटों कैफे, रेस्‍तरां में बैठ कर गपशप करने का तरीका बदल गया. संक्रमण के मद्देनजर दोस्‍तों संग मौज मस्‍ती करने का नया तरीका उभरा. अब दोस्‍त मिल कर वीडियो कॉल के जरिये बातें करते हैं. इसे भी युवा खूब इंजॉय कर रहे हैं.

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पूरा हुआ कुकिंग का शौक
लॉकडाउन में घर में रहने के दौरान एक अच्‍छी बात यह हुई कि अक्‍सर बाहर निकलने के दौरान फास्‍ट फूड आदि खाने पर हम जो रुपये खर्च करते थे, उससे एक तरफ जेब ढीली होती थी, तो दूसरी ओर सेहत के लिए भी इन्‍हें ज्‍यादा खाना बेहतर नहीं कहा जा सकता. लोग घर में रहे तो उनका कुकिंग का शौक भी निकला और पैसों की बचत भी हुई. इससे सेहत में भी सुधार आया.

मास्‍क ने लिया फैशन का रूप
कोरोना काल में मास्‍क पहनने का चलन बढ़ा, ताकि लोग संक्रमण से बचे रहें. पहले हम मास्क को केवल डॉक्टरों के साथ जोड़ कर देखते थे, लेकिन इसे हर किसी के लिए पहनना अनिवार्य है. वहीं मास्‍क ने अब फैशन का रूप भी ले लिया है. शादी, पार्टी के लिए अलग मास्‍क, मैचिंग मास्‍क आदि सब चलन में हैं.



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